हनुमान जयंती विशेष: 11+ शक्तिशाली हनुमान संस्कृत श्लोक अर्थ सहित (Hanuman Sanskrit Shlok with Hindi Meaning)
कलयुग के जाग्रत देवता, संकटमोचक, अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता श्री हनुमान जी की आराधना से जीवन के समस्त भय, संकट, रोग और बाधाएं दूर हो जाती हैं। हनुमान जयंती और प्रत्येक मंगलवार-शनिवार के पावन अवसर पर पाठ करने के लिए यहाँ प्रस्तुत हैं हनुमान जी के सबसे सिद्ध एवं चमत्कारी संस्कृत श्लोक उनके प्रामाणिक हिंदी भावार्थ (Sanskrit Shloka with Hindi Meaning) सहित। इन पावन श्लोकों का नित्य पाठ करने से बुद्धि, बल, यश, स्वास्थ्य और पराक्रम की प्राप्ति होती है।
💡 पावन पाठ टिप: हनुमान जी के इन सिद्ध श्लोकों का उच्चारण प्रातःकाल या सायंकाल शुद्ध मन से दीपक जलाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके करें। किसी भी श्लोक इमेज को WhatsApp स्टेटस पर लगाने के लिए फोटो पर २ सेकंड टैप करके रखें।
विषय सूची (Table of Contents)
- १. श्री हनुमान गायत्री मंत्र (Hanuman Gayatri Mantra)
- २. संकटमोचन श्री हनुमान दोहा (Pawan Tanay Sankat Haran)
- ३. अतुलितबलधामं — परम शक्ति श्लोक (Atulit Bal Dhamam)
- ४. सर्वसिद्धि व निरोगता प्रदाता श्लोक (Buddhir Balam Yasho)
- ५. मनोजवं मारुततुल्यवेगं — सर्वसंकट नाशक श्लोक (Manojavam)
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
१. श्री हनुमान गायत्री मंत्र (Hanuman Gayatri Mantra)

ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
सरल हिंदी भावार्थ:
हम माता अंजनी के पराक्रमी पुत्र का ध्यान करते हैं और पवनपुत्र श्री हनुमान की आराधना करते हैं। वे महावीर हनुमान हमारी बुद्धि, विवेक और अंतरात्मा को धर्म और सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।
२. संकटमोचन श्री हनुमान दोहा (Pawan Tanay Sankat Haran)

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
सरल हिंदी भावार्थ:
हे पवनपुत्र, समस्त संकटों और व्याधियों को हरने वाले तथा साक्षात आनंद और मंगल की मूर्ति! हे देवों के ईश, आप प्रभु श्री राम, भ्राता लक्ष्मण और माता जानकी सहित मेरे हृदय मंदिर में सदा के लिए निवास कीजिए।

शान्तः प्रयासात्पूर्वं विषमादनन्तरं च।
सरल हिंदी भावार्थ:
जो पराक्रमी पुरुष कार्य के आरंभ से पूर्व भी शांत चित्त रहता है और विकट से विकट संकट के बीत जाने पर भी धैर्यवान बना रहता है, वही श्री हनुमान जी की भांति अजेय बनता है।
३. अतुलितबलधामं — परम शक्ति श्लोक (Atulit Bal Dhamam)

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं,
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं,
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥
ॐ हं हनुमते नमः।
सरल हिंदी भावार्थ:
जो अतुलनीय बल के परम धाम हैं, जिनका दिव्य शरीर सुवर्ण पर्वत (सुमेरु) के समान दैदीप्यमान है, जो दैत्य रूपी वन को भस्म करने के लिए प्रज्वलित अग्नि स्वरूप हैं, ज्ञानियों में जो सबसे आगे (अग्रगण्य) हैं, समस्त श्रेष्ठ गुणों के जो अक्षय भंडार हैं, वानरों के अधिपति हैं, और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के परम प्रिय भक्त हैं—उन पवनपुत्र श्री हनुमान जी को मैं शीश झुकाकर नमन करता हूँ।
४. सर्वसिद्धि व निरोगता प्रदाता श्लोक (Buddhir Balam Yasho)

बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगता।
अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणाद्भवेत्॥
सरल हिंदी भावार्थ:
तीक्ष्ण बुद्धि, शारीरिक बल, उज्ज्वल कीर्ति (यश), अटूट धैर्य, निर्भयता, आरोग्यता (रोगमुक्त शरीर), चेतना (आलस्य का अभाव) और वाणी में निपुणता (वाक्पटुता)—ये आठों दिव्य गुण श्री हनुमान जी के सच्चे स्मरण मात्र से सहज ही प्राप्त हो जाते हैं।
५. मनोजवं मारुततुल्यवेगं — सर्वसंकट नाशक श्लोक (Manojavam)
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
सरल हिंदी भावार्थ:
जिनकी गति मन के समान तीव्र और वायु के समान प्रचंड है, जिन्होंने अपनी समस्त इंद्रियों को पूर्णतः वश में कर लिया है, जो बुद्धिमानों में सर्वश्रेष्ठ हैं, पवन देव के तेजस्वी पुत्र हैं, वानर सेना के प्रमुख सेनापति हैं, ऐसे प्रभु श्री राम के परम दूत श्री हनुमान जी की मैं शरण ग्रहण करता हूँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
“अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं…” तथा “बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगता…” को सर्वकल्याणकारी माना गया है। इनके नित्य पाठ से व्यक्ति निर्भय, बलवान और निरोगी बनता है।
प्रातः अथवा संध्याकाल में शुद्ध होकर लाल आसन पर बैठें, श्री हनुमान जी के समक्ष दीपक प्रज्वलित करें और एकाग्र मन से श्लोक का उच्चारण करें। मंगलवार और शनिवार को यह पाठ विशेष फलदायी होता है।
यह भी जरूर पढ़ें:
👉 हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं हिंदी (Wishes & Status)
👉 Hanuman Jayanti Wishes & Quotes in English
👉 हनुमान जयंती मराठी शुभेच्छा (Hanuman Jayanti Marathi)
👉 श्री राम नवमी विशेष स्टेटस व शुभकामनाएं (Ram Navami Status)
निष्कर्ष (Conclusion): श्री हनुमान जी की कृपा जिस पर हो, उसे संसार में किसी भी प्रकार का भय या बाधा पराजित नहीं कर सकती। आशा है कि आपको यह Hanuman Sanskrit Shloka with Hindi Meaning (श्री हनुमान जी के सिद्ध संस्कृत श्लोक एवं हिंदी अर्थ) संग्रह पसंद आया होगा। इन दिव्य श्लोकों को अपने परिवार और मित्रों के साथ साझा करें और अपने जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरें। जय श्री राम! जय बजरंगबली!